
पालघर | महाराष्ट्र के पालघर जिले के विक्रमगड तालुके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उटावली आदर्श विद्यालय के 11 वर्षीय छात्र मयंक विष्णु कुवरा पर स्कूल से घर लौटते समय तेंदुआ ने हमला किया। अचानक हुए इस हमले में मयंक का स्कूल बैग ढाल बन गया और उसकी जान बच गई।
मयंक रोज की तरह स्कूल छुट्टी के बाद शाम को माला पाडवीपाडा स्थित घर की ओर जा रहा था। घर जंगल के बीच से लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर है। चलते समय झाड़ियों में छिपे तेंदुआ ने अचानक उस पर झपट्टा मारा। उसके पंजे सीधे स्कूल बैग पर लगे, जिससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन हाथ पर नाखूनों से गहरी चोट लगी।
हमले के दौरान मयंक ने जोर से चिल्लाकर प्रतिरोध किया। उसके साथ चल रहे छात्र ने भी पत्थर फेंककर तेंदुआ को डराया। शोर सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ जंगल में भाग गया।
पिछले कुछ दिनों से गांव में तेंदुआ घूमने की चर्चा थी और सोशल मीडिया पर सतर्क रहने का संदेश भी दिया गया था, लेकिन फिर भी छात्र जंगल वाले रास्ते से ही जाते थे। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का वातावरण बन गया है।
घायल मयंक को विक्रमगड ग्रामीण अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसके घाव पर टांके लगाए गए हैं। नागरिकों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल और स्कूल क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए बच्चों के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की जाए तेंदुआ को पकड़ने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। बच्चों ने जिस तरह साहस दिखाकर तेंदुआ को भगाया, उसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है।
