
पालघर : पाकिस्तान की समुद्री सीमा में मछली पकड़ते समय प्रवेश करने के कारण गुजरात के ओखा-पोरबंदर क्षेत्र की तीन ट्रॉलरों के साथ कुछ भारतीय खलाशों को पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया है।
इनमें महाराष्ट्र के पालघर जिले के सातपाटी निवासी नामदेव बालकृष्ण मेहेर भी शामिल हैं।
नामदेव मेहेर की रिहाई के लिए सरकार कदम उठाए, ऐसी माँग मेहेर परिवार द्वारा की गई है।
पालघर जिले के सातपाटी, दहाणू और तलासरी क्षेत्रों के कई मछुआरे खलाशी अच्छी मजदूरी और अधिक वेतन मिलने के कारण गुजरात के ओखा, पोरबंदर और वेरावळ क्षेत्रों की नावों पर खलाशी के रूप में काम करने जाते हैं।
नामदेव बालकृष्ण मेहेर (उम्र 65 वर्ष) भी सातपाटी के मछुआरे खलाशी हैं, जो ओखा-पोरबंदर के नल नारायण नामक ट्रॉलर, जिसका संचालन जयंती भाई राठौड़ द्वारा किया जाता है, पर काम करने गए थे।
गहरे समुद्र में मछली पकड़ते समय ‘नल नारायण’ नाम की ट्रॉलर नाव गलती से पाकिस्तान की समुद्री सीमा में पहुँच गई।
सीमा का उल्लंघन होने के कारण पाकिस्तान की मेरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी ने नल नारायण ट्रॉलर को रोका और उस पर सवार सभी मछुआरा खलाशों को हिरासत में ले लिया।
इस बाबत की जानकारी गुरुवार को नामदेव मेहेर के परिवार को दी गई।
घर के मुख्य कमाने वाले व्यक्ति को पाकिस्तान ने गिरफ्तार किए जाने की खबर मिलने से मेहेर परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिवार भारी मानसिक दबाव में है।
पाकिस्तानी सैनिकों ने समुद्र में पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश करने के आरोप में तीन ट्रॉलरों को हिरासत में ले लिया और उन पर मौजूद मछुआरा खलाशियों को गिरफ्तार किया है।
इस घटना के संबंध में भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत हुई है, ऐसी जानकारी इंडिया-पाकिस्तान पीपल्स फ़ोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी के पूर्व पदाधिकारी जतिन देसाई ने दी है।
